July 25, 2026

Capital Connect

capitalconnect.ind.in

इंदिरा बैंक के घोटाले बाज कितने भी रसूखदार हो बचेंगे नहीं

1 min read

इंदिरा बैंक के खातेदारों के साथ न्याय होगा – कांग्रेस

इंदिरा बैंक घोटाले में रमन और उनके मंत्रियों रामविचार, बृजमोहन, राजेश मूणत, अमर ने पैसा लिया था

रायपुर/06 अगस्त 2023। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इंदि प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले में अदालत के निर्देश पर की जा रही जांच से इंदिरा बैंक के खातेदारों में न्याय की आस जगी है। इस मामले में 44 उद्योगपति और मामले में संलिप्त लोगों को दी गयी नोटिस का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है। कांग्रेस विपक्ष में रहते हुये भी इंदिरा बैंक के खातेदारों को न्याय दिलाने के लिये खड़ी थी आज भी कांग्रेस सरकार का उद्देश्य खातेदारों को उनकी रकम वापस दिलाना है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इंदिरा बैंक घोटाले में जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा तत्कालीन सरकार के ऊपर से नीचे तक गया था। नार्को टेस्ट में बैंक मैनेजर उमेश सिन्हा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह को 1 करोड़, तत्कालीन गृह मंत्री रामविचार नेताम को 1 करोड़, तत्कालीन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को 2 करोड़, मंत्री राजेश मूणत को 1 करोड़, अमर अग्रवाल को 1 करोड़ तथा तत्कालीन डीजीपी को 1 करोड़ रू. घूस देने का खुलासा किया था। उसने नार्को टेस्ट में बताया है कि बैंक की अध्यक्ष रीता तिवारी के कहने पर उसने लाल, नीले और काले रंग के एडीडास कंपनी के बैग में रकम इन नेताओं के यहां पहुंचाया था। इसलिये रमन सरकार के समय पुलिस ने लेब से नार्को टेस्ट की अधिकृत सीडी लेकर साक्ष्य के रूप में अदालत में जमा ही नहीं किया था ताकि रसूखदार नेताओं को बचाया जा सके।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मैनेजर उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित मंत्रियों के द्वारा पैसा लिये जाने की जानकारी पुलिस को शुरू से थी यह और इसीलिये नार्को टेस्ट की सीडी अदालत में प्रस्तुत नही की गयी जबकि नार्को टेस्ट अदालत के ही आदेश से करवाया गया था। अदालत ने प्रकरण क्रमांक 614/07 की पेशी दिनांक 4/6/2007 को माननीय मुख्य न्या.मजि.रायपुर के आदेश दिनांक 25/01/2007 के अनुसार ही उमेश सिन्हा का नार्को टेस्ट बैंगलोर में कराया गया। नार्को टेस्ट की रिपोर्ट पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सरकार के मुखिया और इतने प्रभावशाली मंत्रियों के विषय में स्वतंत्र और निष्पक्ष विवेचना संभव ही नहीं है। नार्को टेस्ट की रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल के पैसे लेने की जानकारी मिली। ऐसी स्थिति में राज्य पुलिस द्वारा राज्य सरकार के तत्कालीन मुखिया डॉ. रमन सिंह और उनके प्रभावशाली मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल के खिलाफ जांच की ही नहीं गयी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि परिसमापक इंदिरा प्रियदर्शिनी महिला नागरिक सहकारी बैंक द्वारा प्रकरण सी.बी.आई.को सौपने हेतु पंजीयक सहकारी संस्था के द्वारा शासन को पत्र क्रमांक/परि./स्था./2009-10 दिनांक 24/12/2009 लिखा गया था। पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने भी छत्तीसगढ़ पत्र क्रमांक/साख-3/नाग0 बैंक/2010/483 रायपुर दिनांक 04.02.2010 के द्वारा सचिव छत्तीसगढ़ शासन सहकारिता विभाग मंत्रालय रायपुर को इंदिरा प्रियदर्शिनी महिला नागरिक सहकारी बैंक मर्या0 रायपुर में हुये 54 करोड़ के गबन/घोटाले से संबंधित प्रकरण सी.बी.आई. को सौंपने की अनुशंसा की गयी थी लेकिन मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं मंत्रियों को बचाने के लिये सीबीआई जांच की यह अनुशंसा नहीं मानी गयी। भूपेश सरकार इस मामले में गरीबों को न्याय देने के लिये प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *